मोदी की पत्नी पर गरमाई सियासत
महिला कांग्रेस प्रमुख शोभा ओझा ने भी सवाल उठाया कि जब वह अपनी पत्नी को सात फेरे के दौरान दिए गए वादों को पूरा नहीं कर पाए तो देश को किए जा रहे वादों को कैसे पूरा करेंगे। वह राज धर्म की बात करते हैं लेकिन पति धर्म भूल जाते हैं। जब वह अच्छे पति नहीं बन पाए तो अच्छे प्रशासक कैसे बनेंगे। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि उन्होंने इस तथ्य को अब तक क्यों छिपाया। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य शांताराम नाइक ने कहा कि मोदी को यह स्पष्ट करना होगा कि विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने झूठा हलफनामा क्यों दिया।
उन्हें यह भी बताना होगा कि पत्नी की वित्तीय जानकारियों के बारे में उन्हें क्यों नहीं पता है। उन्होंने कहा कि उनका नामांकन रद होना चाहिए। गौरतलब है कि मोदी ने हलफनामे में पत्नी की आय और संपत्ति के कॉलम में 'ज्ञात नहीं' भरा है।
मोदी के पीएम बनने के लिए व्रत कर रहीं जशोदाबेन
जिन 62 वर्षीय जशोदाबेन को लेकर कांग्रेस मोदी पर हमलावर हो रही है वह मीडिया के हो-हल्ले से दूर नमो के पीएम बनने के लिए विशेष व्रत रख रही हैं। फिलहाल चार धाम यात्रा पर गई जशोदाबेन के सबसे छोटे भाई कमलेश मोदी ने बताया कि उनकी बहन ने मोदी के प्रधानमंत्री बनने की मन्नत मांगी है और इसके लिए ऐसा होने तक चावल नहीं खाने और नंगे पांव रहने का व्रत लिया है।
शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी जशोदाबेन शादीशुदा महिला की तरह रहती हैं व मोदी से जुड़ी खबरों को चाव से देखती हैं। उन्हें 14 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती है।
कांग्रेस ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कांग्रेस की गुजरात इकाई ने नरेंद्र मोदी पर शादीशुदा होने को लेकर कई सालों तक लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। साथ ही हलफनामे में गलत जानकारी देने को लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में मोदी ने पत्नी का कॉलम खाली छोड़ दिया था।
ताजा हलफनामे में उन्होंने जशोदाबेन को पत्नी माना है लेकिन उनकी आय और उनके पैन नंबर के बारे में जानकारी नहीं दी है। इस तरह से वह अभी भी लोगों से तथ्य छिपा रहे हैं। हम चुनाव आयोग से न सिर्फ उनकी लोकसभा बल्कि गत विधानसभा चुनाव की उम्मीदवारी भी रद करने की मांग करेंगे।
हलफनामे में गलत जानकारी देना अपराध है, इसलिए हम उनके कानूनी कार्रवाई का विकल्प को तलाशेंगे।
Source : https://hindi.yahoo.com/delhi-11225773-200547514.html
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी द्वारा वडोदरा से नामांकन के दौरान पेश हलफनामे में जशोदाबेन को पत्नी के रूप में दर्ज करने के बाद सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने सीधा हमला बोला कि जो व्यक्ति पति होने का धर्म नहीं निभा पाया, वह राष्ट्र धर्म क्या निभाएगा। साथ ही उनका नामांकन रद करने की भी मांग की। हालांकि गुजरात के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकरसिंह वाघेला ने मोदी का बचाव किया है। वहीं, नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोमाभाई दामोदरदास मोदी भी बचाव में उतर आए हैं। उन्होंने मीडिया में एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नरेंद्र भाई के मन में बचपन से ही राष्ट्र सेवा की भावना थी। नरेंद्र ने अपना जीवन परिवार के बजाय देश को समर्पित कर दिया था। ज्ञात हो कि इससे पहले राज्य के विधानसभा चुनावों में उन्होंने पत्नी का कॉलम खाली छोड़ दिया था।
विवाहित होने की स्वीकारोक्ति के बाद आलोचना का सामना कर रहे मोदी के भाई ने कहा कि हम पांच भाई और एक बहन घोर गरीबी में माता-पिता के साथ रहते थे। हम सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से बेहद पिछड़े थे। ऐसे में मेरे घर वालों ने नरेंद्र की शादी 17 साल में ही कर दी। लेकिन महात्मा बुद्ध और स्वामी विवेकानंद से प्रभावित नरेंद्र मोदी उन्हीं के बताए मार्ग पर चलने की आकांक्षा रखते थे। ऐसे में उनके लिए जशोदाबेन चिमनभाई से शादी एक औपचारिक संस्कार बनकर रह गया। नरेंद्र ने उन्हीं दिनों घर छोड़ दिया था। इसके बाद जशोदाबेन भी अपने पिता के घर चली गईं। वहां उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। वह अपनी मेहनत और ईमानदारी की बदौलत टीचर बन गईं। सोमा भाई ने देशवासियों से 45-50 साल पुराने इस किस्से को एक गरीब और पारंपरिक रूढि़वादी परिवार की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए देखने की गुजारिश की है। वहीं उनके एक और भाई प्रहलाद ने कहा कि मोदी ने कभी इससे इन्कार नहीं किया कि वह शादीशुदा हैं। गत चुनावों में भी हलफनामे में इस कॉलम को उन्होंने खाली छोड़ दिया था। यह उनका निजी मसला है। महिला कांग्रेस प्रमुख शोभा ओझा ने भी सवाल उठाया कि जब वह अपनी पत्नी को सात फेरे के दौरान दिए गए वादों को पूरा नहीं कर पाए तो देश को किए जा रहे वादों को कैसे पूरा करेंगे। वह राज धर्म की बात करते हैं लेकिन पति धर्म भूल जाते हैं। जब वह अच्छे पति नहीं बन पाए तो अच्छे प्रशासक कैसे बनेंगे। उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि उन्होंने इस तथ्य को अब तक क्यों छिपाया। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य शांताराम नाइक ने कहा कि मोदी को यह स्पष्ट करना होगा कि विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने झूठा हलफनामा क्यों दिया।
उन्हें यह भी बताना होगा कि पत्नी की वित्तीय जानकारियों के बारे में उन्हें क्यों नहीं पता है। उन्होंने कहा कि उनका नामांकन रद होना चाहिए। गौरतलब है कि मोदी ने हलफनामे में पत्नी की आय और संपत्ति के कॉलम में 'ज्ञात नहीं' भरा है।
मोदी के पीएम बनने के लिए व्रत कर रहीं जशोदाबेन
जिन 62 वर्षीय जशोदाबेन को लेकर कांग्रेस मोदी पर हमलावर हो रही है वह मीडिया के हो-हल्ले से दूर नमो के पीएम बनने के लिए विशेष व्रत रख रही हैं। फिलहाल चार धाम यात्रा पर गई जशोदाबेन के सबसे छोटे भाई कमलेश मोदी ने बताया कि उनकी बहन ने मोदी के प्रधानमंत्री बनने की मन्नत मांगी है और इसके लिए ऐसा होने तक चावल नहीं खाने और नंगे पांव रहने का व्रत लिया है।
शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी जशोदाबेन शादीशुदा महिला की तरह रहती हैं व मोदी से जुड़ी खबरों को चाव से देखती हैं। उन्हें 14 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलती है।
कांग्रेस ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कांग्रेस की गुजरात इकाई ने नरेंद्र मोदी पर शादीशुदा होने को लेकर कई सालों तक लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। साथ ही हलफनामे में गलत जानकारी देने को लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में मोदी ने पत्नी का कॉलम खाली छोड़ दिया था।
ताजा हलफनामे में उन्होंने जशोदाबेन को पत्नी माना है लेकिन उनकी आय और उनके पैन नंबर के बारे में जानकारी नहीं दी है। इस तरह से वह अभी भी लोगों से तथ्य छिपा रहे हैं। हम चुनाव आयोग से न सिर्फ उनकी लोकसभा बल्कि गत विधानसभा चुनाव की उम्मीदवारी भी रद करने की मांग करेंगे।
हलफनामे में गलत जानकारी देना अपराध है, इसलिए हम उनके कानूनी कार्रवाई का विकल्प को तलाशेंगे।
Source : https://hindi.yahoo.com/delhi-11225773-200547514.html
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